Computer ka Janak Kise Kahate Hain: जाने हिंदी में

क्या आपको पता हैं की Computer ka Janak Kise Kahate Hain अगर नही तो चलिए जानते हैं।

Computer ka Janak Kise Kahate Hain

कंप्यूटर के जनक को हम "चार्ल्स बैबेज" के नाम से जानते हैं। उनको कंप्यूटर के जनक कहा जाता है क्योंकि उन्नीसवीं सदी में एक ऐसी मशीन बनाई थी, जिसका नाम था "एनालिटिकल इंजन।"


 ये मशीन आधुनिक कंप्यूटर के विकास का पहला कदम था। चार्ल्स बैबेज ने इस मशीन को नंबरों की गणना करने के लिए डिज़ाइन किया था। 


उनकी ये खोज ने कंप्यूटर के विकास में एक महान योगदान दिया और आज कंप्यूटर हमारे रोज़ाना की जिंदगी में एक अहम स्थान रखते हैं।


Computer ka Janak Kise Kahate Hain 

कंप्यूटर का जनक हम चार्ल्स बैबेज को कहते हैं क्युकी उन्होंने 19 सदी में एक मशीन बनाई थी जिसका एनालिटिकल इंजन था।



Computer ka Janak Kise Kahate Hain से संबंधित दूसरे प्रश्न।

चलिए जानते हैं कंप्यूटर का जनक किसे कहते हैं इससे संबंधित कुछ और प्रश्न।


भारत में कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ था?

भारत में कंप्यूटर का अविष्कार साल 1952 को Dr. Dwijish Dutta Majumdar के द्वारा किया गया था। 

Computer ka Janak Kise Kahate Hain

भारत में सबसे पहले आने वाले कंप्यूटर का नाम TIFRAC (Tata Institute of Fundamental Research Automatic Calculator) था। इसको इस पहले कंप्यूटर को Tata Institute of Fundamental Research Mumbai में विकसित किया गया था।


भारत के कंप्यूटर का नाम क्या है?

भारत के सबसे पहले कंप्यूटर का नाम TIFRAC था। इसका पूरा नाम टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ऑटोमैटिक कैलकुलेटर हैं।


आधुनिक कंप्यूटर के पिता का नाम क्या है?

एलेन ट्यूरिंग को बहुत से लोग आधुनिक कंप्यूटर के पिता मानते हैं।

एलेन ट्यूरिंग (Alan Turing) एक ब्रिटिश गणितज्ञ, लोजिकियन, कम्प्यूटर विज्ञानी, और लेखक थे। उनका जन्म 23 जून, 1912 को लंदन में हुआ था और मृत्यु 7 जून, 1954 को हुई।

ट्यूरिंग को कंप्यूटर विज्ञान के उपाधि का एक प्रमुख संस्थापक माना जाता है।


 उन्होंने एक क्रिटिकल कंप्यूटर प्रोजेक्ट में काम किया जो दूसरी विश्व युद्ध के दौरान चल रहा था और उसने विज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है?

कंप्यूटर का पूरा नाम Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research(कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पोसेली यूज्ड फिर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च)


कंप्यूटर की कितनी पीढ़ियां हैं? 

कंप्यूटर की 5 पिढिया निम्नलिखित हैं:

पहली पीढ़ी (First Generation): यह पीढ़ी पूर्व संयुक्त राज्य अमेरिका के विकसित राष्ट्रीय संगणना केंद्र द्वारा निर्मित बड़े आकार के बुलब आधारित वैक्यूम ट्यूब्स के उपयोग से शुरू हुई थी। ये कंप्यूटर पंचांगुलि और एनियक जैसे कंप्यूटर होते थे। इसमें प्रोग्रामिंग पंचताली मौजूद रहती थी।

दूसरी पीढ़ी (Second Generation): इस पीढ़ी में बिजली युक्ती तरीके से काम करने वाले ट्रांजिस्टर्स का उपयोग होता है, जिससे पहली पीढ़ी के बुलब और ट्यूब्स की तुलना में कंप्यूटर छोटे होते हैं और उनकी शक्ति की खपत भी कम होती है। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में COBOL, FORTRAN जैसी भाषाएँ प्रचलित होती हैं।

तीसरी पीढ़ी (Third Generation): तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) चिप्स का उपयोग करते हैं। इससे कंप्यूटर के आकार और शक्ति में सुधार हुआ और इन्हें मिनी-कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है। तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में COBOL, FORTRAN, BASIC जैसी भाषाएँ उपयोग में आती हैं।

चौथी पीढ़ी (Fourth Generation): चौथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में वायुमंडलीय कंप्यूटर, व्यक्तिगत कंप्यूटर, वर्चुअल रियलिटी और व्यक्तिगत डिजिटल सहायक जैसे तकनीकी विकास हुआ।

पांचवीं पीढ़ी (Fifth Generation): पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और वॉइस रिकग्निशन जैसे तकनीकी विकास शामिल होता है। ये अपरेशन वॉइस रिकग्निशन, अपरेशन वॉइस सिंथिसिज़ेशन, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और कंप्यूटर विज़न जैसी तकनीकें विकसित करते हैं।







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